पूर्व सैनिकों के लिए OROP बेनिफिट में प्रतिबंध इस नियम के तहत

जैसा कि आप जानते हैं, OROP लाभ सैनिक/एक्ससर्विसमान के निधन के बाद उनके पारिवारिक पेंशनभोगियों सहित सशस्त्र बल पेंशनभोगियों पर लागू होता है। लंबी लड़ाई के बाद, सरकार कुछ शर्तों के साथ 01.07.2014 से भारतीय सशस्त्र बलों के सभी रैंकों, यानी भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना को ओआरओपी का लाभ देने पर सहमत हो गई है।

हालाँकि, ओआरओपी योजना के तहत पेंशन के निर्धारण की प्रोसेस और एलिजिबिलिटी  एक विस्तृत निर्देश रक्षा मंत्रालय द्वारा अपने पत्र दिनांक 07.11.2015 के माध्यम से पहली बार ओआरओपी- प्रथम संशोधन के दौरान जारी किया गया था  जो 01 जुलाई 2014 से प्रभावी था।    और प्रत्येक 5 वर्ष के बाद OROP का रिविज़न होना है।   इसके बाद ओआरओपी – २ का संशोधन 01 जुलाई 2019 से रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किया गया दिनांक 04.01.2023 को एक विस्तृत परिपत्र के साथ अस्तित्व में आया। तीसरा पुनरीक्षण / रिविज़न 01 जुलाई 2024 से होने की संभावना है।

रक्षा मंत्रालय के विस्तृत निर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित को छोड़कर सभी सशस्त्र बल पेंशनभोगी ओआरओपी लाभ पाने के हकदार हैं:

(ए) वे JCO जिन्होंने आर्मी रूल  54 के सेना नियम 13(3) I (i) (बी) के तहत अपनी टर्म्स ऑफ़ इंगेजमेंट की शर्तों को पूरा करने से पहले अपने स्वयं के अनुरोध (पीएमआर) पर सेवा से डिस्चार्ज दे दी है।

(बी) वे WO जिन्होंने AR 54 के सेना नियम 13(3) II (i) (बी)  के तहत अपनी टर्म्स ऑफ़ इंगेजमेंट की शर्तों को पूरा करने से पहले अपने स्वयं के अनुरोध (पीएमआर) पर सेवा से डिस्चार्ज दे दी है।

(सी) वे NCO/OR जिन्होंने AR 54 के सेना नियम 13(3) III (iv)  के तहत अपनी टर्म्स ऑफ़ इंगेजमेंट की शर्तों को पूरा करने से पहले अपने स्वयं के अनुरोध (पीएमआर) पर सेवा से डिस्चार्ज दे दी है।

(डी) वे कमीशन अधिकारी जिन्होंने सेना नियम 16बी (Army Rule 1954) के तहत अपनी टर्म्स ऑफ़ इंगेजमेंट की शर्तों को पूरा करने से पहले अपने स्वयं के अनुरोध (पीएमआर) पर सेवा से डिस्चार्ज दे दी है।

(जो नवंबर 2015 से पहले डिस्चार्ज आ चुके है उनके लिए यह  प्रतिबन्ध लागु नहीं है )

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इस लेटर पर यह साफ़ कर दिया गया है कि अन्य सभी पेंशनभोगी ओआरओपी लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं, जिसमें  शामिल हैं :-

(१)  इनवैलिड  मेडिकल बोर्ड (सैन्य अस्पताल) द्वारा मेडिकली इनवैलिडेटेड कर दिया जाना 

(२)  या यूनिट में कोई शेल्टर अपॉइंटमेंट उपलब्ध नहीं होने के कारण  रिलीज़ फ्रॉम सर्विस  दे दी गई 

(३ )  या   शेल्टर अपॉइंटमेंट स्वीकार करने के लिए तैयार न  होने के कारण  रिलीज़ फ्रॉम सर्विस  दे दी गई  जिसे चिकित्सकीय रूप से सेवा से अमान्य ( मेडिकल  इनवैलिड  आउट ऑफ़ सर्विस ) मान लिया जाता है। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, चिकित्सा अमान्यता  (मेडिकल  इनवैलिड ) के मामले में, सर्विस एलिमेंट /  इनवैलिड पेंशन का निर्धारण रैंक और सेवा की लंबाई पर लागू सर्विस पेंशन के अनुसार किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति को ओआरओपी तालिका में निर्धारित से अधिक राशि मिल रही है, तो उसकी मौजूदा पेंशन जारी रहेगी और सुरक्षित रहेगी।