8वीं CPC और नई सरकार का गठन: वास्तविकता अभी बहुत दूर नहीं है

लोकसभा चुनाव अब ख़त्म हो चुका है और लोकसभा 2024 की परिणाम घोषणा भी 4 जून 2024 को भारत के चुनाव आयोग द्वारा की गयी  है। अब, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के संदर्भ में सरकार से आउटपुट प्राप्त करने का समय आ गया है।  भारतीय नागरिकों को वित्तीय और सामाजिक लाभ का कई सारे  पैकेज दिया जाएगा  और साथ ही साथ सरकारी कर्मचारी और पेंशन भोगी के लिए भी खुश खबरि आने वाला है बहुत जल्द।   

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सत्तारूढ़ सरकार के राजनीतिक रुख की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, भारत सरकार के सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा उम्मीद कर रहा है कि जैसे ही सरकार को सिंहासन स्थिरता मिलेगी, 8वीं सीपीसी का गठन होने की संभावना है।

सामान्य गतिविधि के अनुसार, सामान्यतः वेतन आयोग का गठन कम से कम 2 वर्ष पहले किया जाता है।  हम पीछे मुड़कर देख सकते हैं कि 6वीं सीपीसी 01.01.2006 से लागू की गई थी और 7वीं सीपीसी 01.01.2016 को लागू की गई थी।  इसलिए, एक सीपीसी से दूसरे सीपीसी में 10 साल के अंतर को सामान्य नियम के रूप में माना जा सकता है और ०१ जनुअरी २०२६ से केंद्रीय वेतन आयोग के कार्यान्वयन से कर्मचारियों को संशोधित वेतन, भत्ते और पेंशन लाभ मिलने की अत्यधिक उम्मीद है।

तो आप अभी उम्मीद कर सकते हैं कि 8वीं सीपीसी 01.01.2026 से लागू की जाएगी और  केंद्र सरकार की कार्य नैतिकता के स्वाभाविक गतिविधि पैटर्न के रूप में, वेतन आयोग का गठन 8वीं सीपीसी के कार्यान्वयन की निर्धारित तिथि से कम से कम 2 वर्ष पहले किया जाना चाहिए।  

इस हिसाब से जनवरी 2024 से ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों उम्मीद पर टिका है की काम से काम चुनाब के तुरंत बाद ही वेतन आयोग का गठन हो जाएगा। यह बात सही है की जनुअरी फेब्रुअरी में भी सरकार 8  सीपीसी का गठन कर सकते थे पर नहीं किया, यहां तक ​​कि, 8वीं सीपीसी से संबंधित कोई भी जानकारी आज तक उनके द्वारा प्रकाशित नहीं की गई है। 

कुछ सरकारी कर्मचारी ट्रेड यूनियन संगठन इस संबंध में सरकारी प्राधिकरण से संपर्क किया है लेकिन सरकार ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

8वीं सीपीसी के गठन पर पाई गई निष्क्रियता के बावजूद, यह सच है कि वेतन आयोग का गठन कम बहुत जल्द किया जाएगा और सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समय पर वैध बकाया मिलेगा।  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग और मॉडर्न तकनीक का उपयोग करते हुए यह अनुमान किया जा सकता है की पहले की अपेक्षा में अब पे  कमीशन को  वेतन और भत्ता/ पेंशन  निर्धारण करने में काफी काम समय लगेगा।

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